

रिपोर्टर इन्द्र जीत
स्थान कालावाली
नव संवत्सर पर सवामणी व सेवा कार्य, गौसेवा और मानवता का दिया संदेश
कालांवाली, 20 मार्च।
भारतीय नववर्ष के पावन अवसर पर कालांवाली में आस्था, सेवा और संस्कार का अद्भुत संगम देखने को मिला। भारत विकास परिषद द्वारा श्री शिव महादेव नंदी शाला में सवामणी का आयोजन कर गौ माता का पूजन किया गया और प्रकृति के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए नव संवत्सर का उल्लासपूर्वक स्वागत किया गया।
कार्यक्रम में परिषद के संस्थापक अध्यक्ष दिनेश गर्ग जैन ने अपने संक्षिप्त लेकिन प्रभावशाली संबोधन में कहा कि मनुष्य का जीवन तभी सार्थक बन सकता है जब वह ईश्वर की भक्ति, प्रकृति के अनुरूप जीवनशैली और सदाचार को अपनाए। उन्होंने कहा कि आज के भौतिकवादी युग में व्यक्ति जितना प्रकृति से दूर होता जा रहा है, उतना ही तनाव और असंतोष बढ़ रहा है। ऐसे में भारतीय नववर्ष हमें अपनी जड़ों से जुड़ने और संतुलित जीवन जीने का संदेश देता है।
इस अवसर पर समाजसेवी मोहन लाल बांसल ने मानवता का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत करते हुए अपनी टीम के साथ 36 जरूरतमंद बच्चों को फल और मिठाइयाँ वितरित कीं। बच्चों के चेहरों पर आई मुस्कान ने पूरे माहौल को भावुक और आनंदमय बना दिया। उन्होंने कहा कि सच्ची खुशी दूसरों के जीवन में खुशियाँ बांटने से ही मिलती है।
कार्यक्रम में योग गुरु सरदार हीरा सिंह अरोनेजा ने बच्चों को योग के महत्व के बारे में बताया और उन्हें भारतीय संस्कृति व राष्ट्र सेवा के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मन और आत्मा को भी मजबूत बनाता है, जिससे व्यक्ति एक बेहतर नागरिक बनता है।
कार्यक्रम के अंत में भारत विकास परिषद के अध्यक्ष अजय गर्ग ने सभी सदस्यों और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और हमें सेवा, संस्कार व समर्पण की भावना से जोड़ते हैं।
पूरे आयोजन में श्रद्धा, सेवा और संस्कृति का सुंदर संगम देखने को मिला, जिसने नववर्ष के इस शुभ अवसर को और भी यादगार बना दिया।







